

रेवाड़ी, 26 फरवरी (सोनिया सैनी )
हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण पंचकूला के निर्देशानुसार मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी अमित वर्मा द्वारा गुरुवार को वृद्ध आश्रम व आस्था कुंज बाल गृह रेवाड़ी का निरीक्षण किया।
वृद्धाश्रम के निरीक्षण के दौरान सीजेएम अमित वर्मा ने वृद्ध जनों की जरूरी सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने वृद्ध जनों को मिलने वाले भोजन व अन्य जरूरी सुविधाओं की जांच की तथा उनको और बेहतर से बेहतर सुविधाएं देने के लिए भी कहा। इस दौरान उन्होंने वृद्ध महिलाओं को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया तथा साफ सफाई पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि वृद्ध व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से तो कमजोर होता ही है तथा उसकी सबसे बड़ी पीड़ा उसका अकेलापन होता है। इसलिए वृद्धजनों को समाज से अलग थलग न करें बल्कि उनको समाज का हिस्सा माने तथा उनको अहसास दिलाए की हम सब उनके साथ है वो अकेले नहीं हैं। उन्होंने सभी उपस्थित स्टाफ सदस्यों को उचित दिशा निर्देश दिए ताकि वे बुजुर्गों का अच्छे से ख्याल रखें। इससे वृद्धजनों का अकेलापन भी दूर होगा तथा उनमें एक नई चेतना का संचार होगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश वृद्ध आश्रम में बुजुर्ग रहने को मजबूर हैं तो उनकी वहां पर संभाल के लिए भी हम सभी को आगे आना चाहिए। उन्होंने बताया कि बहुत सारी योजनाएं है जो वरिष्ठ नागरिकों को फायदा पहुंचाने के लिए चलाई जा रही हैं तथा वे किसी भी कानूनी सहायता के लिए एडीआर केंद्र रेवाड़ी आ सकते हैं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अपने बूढ़े मां-बाप का सम्मान और आदर करें, उनकी सेवा करें तथा उनकी कानूनी या अन्य सहायता लेने में मदद करे । ताकि वो उनको मिलने वाली मदद से वंचित न रहे।
सीजेएम अमित वर्मा ने आस्था कुंज बाल गृह का निरीक्षण कर वहां उपस्थित बच्चों से बातचीत की। उन्होंने बातचीत में बच्चों के खान-पान तथा पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। अमित वर्मा ने आस्था कुंज के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को बच्चों से संबंधित उचित दिशा निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उनकी हर संभव सहायता के लिए तत्पर है। उन्होंने बताया कि कानूनी सहायता और उनकी सेवाओं के बारे में सभी को जागरूक किया जाए ताकि कानून की सहायता का लाभ उठा सके।
सचिव अमित वर्मा ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को सहायता और समर्थन प्रदान करने के लिए कार्यरत है। विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्ग के लोगों के लिए निशुल्क कानूनी सेवाओं की पेशकश करना व साथ में उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने का प्रयास करता है। उन्होंने बताया कि लीगल एड द्वारा सीनियर सिटीजन, महिलाएं, बच्चो, अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों व तीन लाख से कम वार्षिक आय वाले सभी व्यक्तियों को निशुल्क में कानूनी सहायता दी जाती है और कोई भी जन कानूनी सहायता के लिए उप मंडल विधिक सेवा समिति या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में संपर्क कर सकता है। साथ ही नालसा हेल्पलाइन 15100 नंबर पर भी संपर्क किया जा सकता है।
