रेवाड़ी, 17 मार्च (सोनिया सैनी)।पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी श्री हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस ने आमजन को रिफंड के नाम पर हो रही साइबर ठगी को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी आजकल लोगों को ऑनलाइन शॉपिंग, बैंक ट्रांजेक्शन, बिजली बिल, मोबाइल रिचार्ज या अन्य सेवाओं के रिफंड का झांसा देकर कॉल या मैसेज करते हैं और उन्हें ठगी का शिकार बना लेते हैं।
* क्या है रिफंड स्कैम और कैसे करते हैं साइबर ठग फ्रॉड*
इस प्रकार की ठगी में साइबर अपराधी खुद को बैंक कर्मचारी, ई-कॉमर्स कंपनी के प्रतिनिधि या किसी सर्विस एजेंसी का अधिकारी बताकर कॉल करते हैं। वे लोगों को बताते हैं कि उनकी किसी ट्रांजेक्शन का रिफंड बनता है और पैसे वापस भेजने के लिए बैंक डिटेल या ओटीपी की जरूरत है। इसके बाद ठग लोगों को किसी लिंक पर क्लिक करने, ऐप डाउनलोड करने या ओटीपी बताने के लिए कहते हैं। कई बार वे स्क्रीन शेयरिंग ऐप के जरिए मोबाइल की एक्सेस लेकर बैंक खाते से पैसे निकाल लेते हैं। रिफंड मिलने की उम्मीद में कई लोग बिना जांच किए अपनी गोपनीय जानकारी साझा कर देते हैं और साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं।
* साइबर ठगी से बचने के लिए जरूरी सावधानियां*
किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर रिफंड का लालच देकर मांगी गई जानकारी साझा न करें। बैंक, ई-कॉमर्स कंपनी या किसी भी संस्था द्वारा फोन पर ओटीपी या पासवर्ड नहीं मांगा जाता। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड या स्क्रीन शेयर न करें। अपने बैंक खाते, ओटीपी, यूपीआई पिन या अन्य निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। रिफंड से संबंधित जानकारी की पुष्टि हमेशा संबंधित कंपनी या बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से करें। यदि कोई व्यक्ति जल्दबाजी में जानकारी देने का दबाव बना रहा है तो तुरंत कॉल काट दें। ऐसे मामलों की जानकारी अपने परिवार और परिचितों को भी दें ताकि वे सतर्क रहें।
* साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत करें शिकायत*
यदि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं। समय रहते शिकायत दर्ज कराने से ठगी की गई राशि को वापस पाने की संभावना बढ़ जाती है।
