
रेवाड़ी, 4 फरवरी।वीर भगतसिंह युवा दल के तत्वाधान में संस्कार निर्माण का कार्यकम “पुरुषार्थ बड़ा या भाग्य” का आयोजन सरस्वती इन्टरनेशनल स्कूल पर किया गया। कार्यक्रम में युवा दल के प्रधान दिनेश कपूर ने कहा कि जीवन में सच्ची सफलता तो पुरुषार्थ के बल पर ही मिलती है। जीवन में ‘लक’ दो अक्षरों का, ‘भाग्य’ ढाई अक्षरों का, ‘किस्मत’ साढ़े तीन अक्षरों का होता है। लेकिन जब चार अक्षरों का ‘मेहनत’ जीवन में उतरता है तो जीवन में सच्ची सफलता आने लगती है। हमारे सामने अनेको ऐसे उदाहरण हैं जिन्होंने बिल्कुल साधारण परिवार से अपनी शुरुआत की लेकिन सतत् परिश्रम के बल पर सफलता की ऊंचाइयों पर बड़ते चले गये। भारतरत्न से सम्मानित, देश के पूर्व राष्ट्रपति महामहिम अब्दुल कलाम निर्धन मछुआरे परिवार से निकले, घर-घर जाकर अखबार बेचने का कार्य किया। लेकिन उन्होंने अपनी प्रतिभा के बल पर पूरे विश्व में भारत का नाम ऊंचा किया। हमारे देश के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी बिल्कुल साधारण परिवार से आते हैं। कठिनाइयों के बीच उनकी प्रारम्भिक शिक्षा हुई। लेकिन उन्हें अपने पुरुषार्थ पर भरोसा था। वे ना केवल तीसरी बार लगातार देश के प्रधानमन्त्री बनें बल्कि पूरी दुनिया में लोकप्रियता सूची में नं एक पर आ गये। युवा दल के उपप्रधान परवीन ठाकुर ने बच्चों को देशभक्ति गीतों पर एरोबिक्स का अभ्यास कराया। स्कूल की प्राचार्या सुमनलता यादव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि हम अपने स्कूल के बच्चो को प्रतिदिन पुरुषार्थ के महत्व के बारे में बताते हैं व हमारे स्कूल के बच्चे शिक्षा व अन्य गतिविधियों में जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। संस्था की ओर से मेधावी विद्यार्थियों को उपयोगी साहित्य भेंट किया गया। युवा दल की ओर से स्कूल को शहीदे आजम, मारत माता व चन्द्रशेखर आजाद के चित्र भेंट किये। कार्यक्रम में मुख्यतः शिक्षिका संजु यादव, निशा गुप्ता, सुमन राव, सुनीता शास्त्री, सुरेखा सैनी, किरन स्वामी, सोनू शर्मा, सन्तोष यादव ने सहयोग किया।
